हम देश को बँटने नहीं देंगे, दं गा किया…तो सात पुश्तें भरेंगी’: योगी आदित्यनाथ..

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में पिछड़ा वर्ग सम्मेलन को संबोधित किया और कहा कि पहले दिन ही प्रदेश के दं गाइयों को स्पष्ट संदेश दे दिया गया था कि अगर कोई भी दं गा करेगा तो उसकी सात पीढ़ियों को इसकी भरपाई करनी होगी। राज्य में पर्व और त्योहार मनाए जा रहे हैं, अब दं गे नहीं हो सकेंगे।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने वि पक्ष पर हम ला किया और कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में जिसका भी शासन रहा वो आम जनता के विकास की बातें तो करते थे, लेकिन विकास केवल उनके अपने परिवार का ही हुआ। उन्हें अपने और अपने परिवार के अलावा राष्ट्र के बारे में कोई भी चिंता नहीं थी। इसका परिणाम यह हुआ कि बेरोजगारी और बदहाली ने राज्य को दं गों में झोंक दिया। अब जब राज्य विकास की राह पर चल निकला है तो उनको यह सुहा नहीं रहा है।

जाति-मजहब के आधार पर देश को बंटने नहीं देंगे :

सीएम योगी ने कहा कि भाजपा राष्ट्रवादी विचारधारा के आधार पर काम करती है और इसका मूल मंत्र ही ‘सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे भवंतु निरामया’ रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने 2013 में देश को सबका साथ सबका विकास का जो मंत्र दिया था, उसका अर्थ यह है कि हम देश को जाति, क्षेत्र और मजहब के आधार पर बंटने नहीं देंगे। सभी के विकास के लिए मिलकर काम करेंगे और दबे-कु चले लोगों को आवाज देंगे।

योगी ने कहा कि अगर समाज में कोई भी व्यक्ति विपन्न या दु खी रहता है तो वो समाज कभी खुशहाल नहीं रह सकता है। समाज की खुशहाली का आधार तब तैयार होता है, जब स्वयं के स्तर पर अथवा शासन के स्तर पर सभी कमियों को पूरा किया जाता है। केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं के बारे में बात करते हुए सीएम ने कहा कि बीते सात सालों में समाज के गरीब तबके के विकास के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने अभि यान चलाया है। इसी के तहत प्रधानमंत्री आवास के अंतर्गत घर और स्वच्छ भारत योजना के तहत सभी के घरों में शौचालय बनाए जा रहे हैं। हम ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 42 लाख आवास बना रहे हैं। 2017 से पहले लोगों के घरों में शौचालय नहीं बनाए जा रहे थे, लेकिन हमने 2 करोड़ 61 लाख शौचालयों का निर्माण किया।

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समाज के इस तबके के विकास के लिए योगी कर रहे कार्य :

योगी आदित्यनाथ ने बताया, “मिट्टी के बने बर्तनों और उससे अन्य वस्तुएँ बनाने वाले उद्योग से जुड़े लोगों के विकास के लिए हमने 2017 में ही ‘माटी कला बोर्ड’ का गठन किया था, ताकि समाज के इस तबके का विकास हो सके। यही आज मैं आपसे कहने आया हूँ कि इस साल मुझे रिपोर्ट मिली कि प्रदेश में 41,000 से अधिक जगहों पर मूर्तियाँ स्थापित की गई थीं। आप सोचिए इससे कितने लोगों को रोजगार मिला होगा। इससे पंडाल लगाने वाले, मूर्ति बनाने वाले, फूल वाले आदि को रोजगार का एक चक्र बना। इन सब के साथ ही त्योहार और पर्व भी खुशी से मनाए गए।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि साल 2015-16 के दौरान प्रदेश के गरीब छात्रों को स्कॉलरशिप नहीं दी गई थी, लेकिन बीते चार सालों में हमारी सरकार ने प्रदेश के 30,63,085 विद्यार्थियों को 627 करोड़ 49 लाख रुपए की छात्रवृति दी है। इसके अलावा 2021-22 वर्ष के 38 लाख 175 छात्र-छात्राओं के खातों में अब तक 8 करोड़ 64 लाख रुपए की धनराशि डाली जा चुकी है।