बीच सड़क पर दर्जनभर थप्पड़ खाने वाला कैब ड्राइवर अब उतरेगा चुनाव में ! इस पार्टी का थामा हाथ..!

उत्तर प्रदेश में साल 2022 में विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) होने हैं। विधानसभा चुनाव को लेकर अलग-अलग पार्टी के नेता तैयारी कर रहे हैं। कुछ पार्टी के नेता उन लोगों को पार्टी में शामिल कर रहे हैं। जो किसी न किसी वजह से मशहूर चेहरा बन चुके हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) कि सड़क पर एक लड़की से 22 थप्पड़ खाने वाले कैब ड्राइवर (Cab driver who was slapped 22 times) को तो आप जानते ही होंगे। कैब ड्राइवर का नाम शहादत अली (Saadat Ali) है। आने वाले चुनाव को देखते हुए शहादत अली ने राजनीति में आने का निर्णय लिया है। आखिर क्या है इसके पीछे की वजह और किस पार्टी से उतर सकते हैं चुनाव में? आइए आपको पूरी खबर विस्तार से बताते हैं।

शहादत अली हुए इस पार्टी में शामिल

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की सरकार में मंत्री रहे शिवपाल यादव (Shivpal Singh Yadav) को तो आप जानते ही होंगे। शिवपाल यादव ने अपनी एक नई पार्टी बना ली थी। शिवपाल यादव की पार्टी का नाम प्रगतिशील समाजवादी पार्टी है। शहादत अली (Cab Driver Saadat Ali) ने भी शिवपाल यादव की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया है। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के साथ शहादत अली चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। चुनाव में उतरने की वजह भी उन्होंने बताई है।

पुरुषों को नहीं मिलता इंसाफ

शहादत अली (Saadat Ali) ने प्रगतिशील समाज पार्टी में शामिल होने के बाद मीडिया में बातचीत करने के दौरान राजनीति में आने का कारण बताते हुए कहा है कि भारत में रहने वाले पुरुषों को इंसाफ नहीं मिलता। उन्होंने संविधान को लेकर भी बात करते हुए कहा है कि संविधान भारत में महिलाओं को ज्यादा अधि कार देता है। वहीं दूसरी तरफ कुछ पुरुषों को संविधान की ओर से इंसाफ नहीं मिलता। उन्होंने कहा है कि पुरुषों की बातों को बहुत कम ही लोग सुनना पसंद करते हैं।

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मुझे इंसाफ नहीं मिला लेकिन मैं हर नागरिक के लिए खड़ा हूं – शहादत अली

शहादत अली ने कहा कि मुझे अभी तक इंसाफ नहीं मिला लेकिन मैं हर उस पुरुष, हर उस वर्ग के लोगों के साथ खड़ा हूं। जिन्हें कभी न कभी किसी वजह से परे शानी आई हो। उन्होंने कहा कि मैं उन लोगों का मसीहा बनूँगा जिन लोगों को इंसाफ नहीं मिलता। अपने बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में पुरुषों को सम्मान नहीं मिलता। जबकि महिलाओं की बातों को सभी सुनते हैं। पुरुषों को लेकर भी कानून बनाने की जरूरत है।