जानिए कैसे बदली दिल्ली के मजलिस पार्क में रह रहे पाकिस्तान से आए हिंदुओं की जिंदगी

स्वतंत्रता मिलने के साथ ही धर्म के आधार पर भारत(India) का विभाजन हो गया। भारत का विभाजन बहुत दुःखद था। भारत तो एक धर्म निरपेक्ष देश बन गया, लेकिन पाकिस्तान(Pakistan) के साथ ऐसा नहीं हुआ। जो हिन्दू(Hindus) पाकिस्तान में रह गए वह आज भी नर्क के समान जिंदगी जी रहे है। लेकिन जो लोग पाकिस्तान से वापस भारत आ गए, उनकी ज़िंदगी अब बदल रही है। ऐसी ही एक बस्ती है दिल्ली के मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन(Majlis Park Metro Station) के पास। यहां पर पाकिस्तान से आये लगभग 350 हिंदू परिवार रहते है। विश्व हिंदू परिषद(VHP) और सेवा भारती(Seva Bharati) जैसे संगठनों के सहयोग से ‘दिल्ली राइडिंग क्लब’(Delhi Riding Club) और सोशल आंत्रप्रेन्योर संजय राय शेरपुरिया(Sanjay Rai Sherpuriya, Social Entrepreneur) ने इन लोगों की ज़िंदगी बदल दी है।

पाकिस्तान के सिंध प्रांत के रहने वाले है

पाकिस्तान(Pakistan) से यहाँ आकर इन लोगों के बसने का सिलसिला 2013 से शुरू हुआ। यहां रहने वाले अधिकतर हिंदू परिवार(Hindus Family) सिंध प्रांत(Sindh) के रहने वाले है। सिंध के हैदराबाद, मीरपुर खास, तंडोलिया, मटिहारी, नसुरपुर, तंडवादम, सांगर जैसी जगहों पर कभी इनके घर थे। अल्पसंख्यक होने के कारण इन्हें वहाँ से अपना घर छोड़ना पड़ा।

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पीएम मोदी के 69 वें जन्मदिन से शुरू हुई बादलाव की कहानी

यहाँ रहने वाले पाकिस्तान से आये हिंदू लोग बताते है कि जब वह मजलिस पार्क(Majlis Park) में रहने आये तो यहाँ गड्ढे थे। उनमें जमा पानी था। न शौचालय था। न पीने का पानी। यदि कुछ था तो वह थी गंदगी, धूल, कीचड़ और मच्छर। लेकिन पीएम मोदी के 69वें जन्मदिन से उनकी ज़िंदगी में बादलाव आना शुरू हुआ। अब इस बस्ती में साफ-सफाई है, पानी, लाइट और शौचालय भी है। पीएम के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम से इस बादलाव की नींव पड़ी। विश्व हिंदू परिषद (VHP), सेवा भारती जैसे संगठनों के सहयोग से ‘दिल्ली राइडिंग क्लब’ और सोशल आंत्रप्रेन्योर संजय राय शेरपुरिया ने ये सब मुमकिन बनाया है।

अब यहां रह रहे लोगों की एक उम्मीद और है कि उन्हें भारत की नागरिकता मिल जाये। भारत में आकर वह अपने आप को सुरक्षित महसूस करते है। VHP, सेवा भारती और सोशल आंत्रप्रेन्योर संजय राय शेरपुरिया ने उनकी ज़िंदगी बदल दी।