इनबुक फाउंडेशन ने गरीब बच्चों के लिए 13 पुस्तकालयों का किया शुभारंभ….

शहर में भले ही आपको जगह-जगह स्कूल, कोचिंग सेंटर तथा शिक्षण संस्थान देखने को मिलते हों। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई ऐसी जगह है, जहां के बच्चे पढ़ने की चाहत रखते हैं लेकिन वे संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते। इसी को देखते हुए प्रोत्साहन एजुकेशन सोसाइटी द्वारा इनबुक फाउंडेशन, बॉम्बे और नर्मदा वैली फाउंडेशन हरदोई के सहयोग से जिले के 13 गांवों में पुस्तकालयों का शुभारंभ किया गया। गांव में लाइब्रेरी बनने के बाद वे छात्र भी पढ़ाई करने में रुचि रखने लगेंगे जिनका पढ़ने लिखने से कोई सरोकार नहीं रहता। आइए आपको पूरी खबर विस्तार से बताते हैं।

इनबुक फाउंडेशन की तरफ से 13 पुस्तकालयों का हुआ शुभारंभ

आपको बता दें कि बीते महीने यानी अगस्त में प्रोत्साहन एजुकेशन सोसाइटी द्वारा इनबुक फाउंडेशन बॉम्बे और नर्मदा वैली फाउंडेशन हरदोई के सहयोग से जिले के 13 गांवों में पुस्तकालयों का शुभारंभ किया गया था। पुस्तकालयों के शुभारंभ में बॉम्बे से प्रदीप जैन, सैयद अली, इंदौर से तनय जी, राजीव बाहेती, राजेश वर्मा, शोभा बाजपेई, एकलव्य से गजानंद यादव एवं अन्य अतिथि शामिल थे। पुस्तकालयों के शुभारंभ से गांव के कई छात्रों को लाभ मिलेगा।

शुभारंभ में गांव के लगभग 50 से ज्यादा लोग हुए शामिल

जिस गांव में पुस्तकालयों का शुभारंभ हुआ है, वहां के शिक्षा का स्तर न के बराबर है। संसाधनों के अभाव के कारण इन क्षेत्रों के बच्चे शिक्षा हासिल नहीं कर पा रहे थे। इन बच्चों में शिक्षा हासिल करने की लालसा को देख इनबुक फाउंडेशन ने पुस्तकालय बनवाने का निर्णय लिया था। पुस्तकालय का पहला शुभारंभ गांव परधीढाना (झिरी) में हुआ था। इस समय गांव के करीब 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे। इनमें बच्चे, महिलाएं तथा गांव के युवा शामिल थे।

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बच्चों को कंप्यूटर उपलब्ध कराने की भी योजना

शुभारंभ के समय बातचीत के दौरान जैन सर बताते हैं कि अगर बच्चे मन लगाकर पड़ेंगे तो लाइब्रेरी में कंप्यूटर की भी सुविधा उपलब्ध करवा दी जाएगी। इससे बच्चे न केवल किताबी भाषा सीखेंगे बल्कि उन्हें दीन दुनिया की भी जानकारी होगी। वर्तमान समय में टेक्नोलॉजी बहुत ही तेजी से आगे बढ़ रही है। इसलिए टेक्नोलॉजी से जुड़ा रहना भी बहुत जरूरी है। संस्था से राजेश बिश्नोई, अंजली चौबे तथा अंजना श्रीवास्तव शामिल थी।