दिल्ली विश्वविद्यालय में RSS की जीत ! जानिये पूरा मामला….

दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (DUTA) के अध्यक्ष पद पर हुए चुनाव में RSS से जुड़ी एक पार्टी ने जीत हासिल की है। जैसे कि आपको पता है कि आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) अलग-अलग राज्यों में हो रहे चुनाव में सफल हो रही है। दिल्ली एमसीडी में भी भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की थी। अब विश्वविद्यालयों में भी और शेष से जुड़ी पार्टी का डं का बजता दिख रहा है। क्या आपको पता है कि कितने वर्ष बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी पार्टी को सफलता मिली है? आइए आपको पूरी खबर विस्तार से बताते हैं

24 वर्ष बाद मिली सफलता

24 वर्ष के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी राष्ट्रीय लोकतंत्रिक शिक्षक मो र्चा के एक प्रत्याशी ने दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (Duta) के अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में जीत दर्ज की है। इस सफलता के बाद ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता खुश नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ छात्र राजनीति में भी इसी पार्टी को सफलता मिले इसके लिए छात्र नेता लगातार काम कर रहे हैं। आपको बता दें कि इस पद के लिए हर 2 वर्ष में चुनाव होते हैं।

ए. के. भागी ने आभा देव हबीब को 1382 वोटों से किया पीछे

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक शिक्षक मो र्चा के नेता ए. के. भागी ने आभा देव हबीब को 1382 वोटों से पीछे किया है। आपको बताते चलें कि आभा देव हबीब लेफ्ट की पार्टी लोकतांत्रिक शिक्षा मो र्चा की ओर से चुनाव में उतरे थे। यह चुनाव बीते शुक्रवार को हुआ था। चुनाव होने के कुछ दिन बाद ही इस बात की जानकारी दे दी गई है कि इस चुनाव में किसको सफलता मिली है। कौन और सफल हुआ है। आपको बताते चलें कि इसकी जानकारी बीते शनिवार को दी गई है।

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कांग्रेस के समर्थन वाली पार्टी को मिले मात्र 832 वोट

आपको बता दें कि इस चुनाव में अलग-अलग पार्टी के छात्र नेता उतरे थे। इसमें कांग्रेस के समर्थन वाली पार्टी को मात्र 832 वोट ही मिले हैं। एडहॉक टीचर्स फ्रंट की शबाना आजमी को सिर्फ 263 वोट मिले। डूटा के अध्यक्ष पद पर एनडीटीएफ ने पिछली बार 1997 में सफलता हा सिल की थी। जब श्रीराम ओबेरॉय (Shriram Oberoi) चुनाव में उतर रहे थे। एनडीटीएफ के महासचिव वी एस नेगी ने कहा कि हम पद पर नहीं थे, इसके बावजूद भी अध्यापकों ने हमारे अच्छे कामों की तारीफ की है।