ब्रिगेडियर बीडी मिश्रा ने कहा देश में यदि मजबूत नेतृत्व होता तो नहीं होती 1962 में हमारी हा र!

समय-समय पर अरुणाचल प्रदेश (Arunachal pradesh) से यह खबर आती रहती है कि चीन (China) के सैनिक अरुणाचल प्रदेश की सीमा में आ गए हैं। लेकिन इसमें कितनी स च्चाई है इस बारे में कोई भी बात नहीं करता। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल (Governor)  ब्रिगेडियर बीडी मिश्र (BD Mishra) ने देश की सुरक्षा को लेकर एक बहुत ही अहम बयान दिया है। बीडी मिश्र के द्वारा बयान देने के बाद ही खूब चर्चाएं हो रही है तो वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता भी उनके बयान की सराहना कर रहे हैं। इस खबर के माध्यम से हम आपको बताएंगे कि आखिरकार उन्होंने अपने बयान में क्या कहा है और क्यों हो रही है इसकी चर्चाएं? आइए आपको पूरी खबर विस्तार से बताते हैं।

भारत को 1962 में भी जीत मिलती

जैसा कि आपको पता है कि सन् 1962 में भारत तथा चीन के बीच एक यु द्ध हुआ था इसमें हमारा देश सफल नहीं हो पाया था। इस कारण से हमारे देश के युवाओं के साथ ही साथ हमारे देश के सु रक्षा जवान भी खुश नजर नहीं आ रहे थे। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ने एक बहुत ही अहम बयान दिया है। ब्रिगेडियर बीडी मिश्र ने इतिहास को याद करते हुए कहा है कि अगर देश का नेतृत्व सही होता तो हमारा देश 1962 में भी सफल होता लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

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सैनिक सम्मेलन में पहुंचे थे ब्रिगेडियर बीडी मिश्र

अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में राजपूत रेजीमेंट की 14 वीं बटालियन के बेस पर सैनिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल और ब्रिगेडियर बीडी मिश्र ने यह बयान दिया था। उन्होंने कहा कि अब अरुणाचल प्रदेश के क्षेत्र का समीकरण बदल गया है। उन्होंने कहा कि हमारे देश को लेकर अब अन्य देशों में भी चर्चा होती है हमारे देश के सैनिक सर्वश्रेष्ठ है। हालांकि देश को कभी भी अपनी सु रक्षा में कमी नहीं करनी चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सु रक्षाबलों की करते हैं मदद

ब्रिगेडियर बीडी मिश्र ने हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहते हैं कि वह देश के लिए बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारे देश बहुत आगे बढ़ रहा है देश के सैनिक भी बहुत खुश है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे देश के जवानों की रक्षा के लिए काम कर रहे हैं और बॉर्डर पर काम कर रहे सैनिक हमारे देश की रक्षा कर रहे हैं। अगर ऐसा नेतृत्व 1962 में होता तो हमारे देश को हार नहीं मिलती।