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Sunday, April 21, 2024

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Neeraj Chopra के भाले पर लगी रिकॉर्ड से ज़्यादा की बोली, जानिए PM मोदी के किस तोहफे की कितनी कीमत..

17 सितंबर से चल रही प्रधानमंत्री के तोहफों की नीलामी 7 अक्टूबर को खत्म हो गई है. इस नीलामी में सबसे महंगी बोली ओलंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा के भाले की लगी है. नीरज चोपड़ा के भाले की बोली सबसे ज्यादा 1.5 करोड़ रुपये लगी है.

पैरालंपिक खिलाड़ियों के गिफ्ट भी इस नीलामी में थे शामिल:

इस नीलामी में 1348 स्मृति चिह्न रखे गए थे जिसकी 8600 बोलियां लगीं. इसके अलावा गणेश जी की लकड़ी की मूर्ति, पुणे मेट्रो लाइन का स्मृति चिह्न और विजय लौ स्मृति चिन्ह भी इस नीलामी में शामिल थे. पैरालंपिक खिलाड़ियों के हस्ताक्षर वाले अंग वस्त्र की कीमत 1 करोड़ रुपए लगी है जबकि लवलीना बोरगोहेन के बॉक्सिंग गल्व्स की कीमत 91 लाख रुपए लगाई गई है.

ओलंपिक विजेताओं के गिफ्ट भी हुए नीलाम:

ओलंपिक में इस बार भारत के कई खिलाड़यों ने मेडल जीतकर भारत का मान बढ़ाया था. भारत वापस आने के बाद प्रधानमंत्री ने उन सभी से मुलाकात भी की थी जिसमें खिलाड़ियों ने उन्हें गिफ्ट दिए थे. इन गिफ्ट्स को भी नीलामी में रखा गया था. ओलंपिक में जैवलिन थ्रो में गोल्ड मैडल जीतने वाले नीरज चोपड़ा के भाले की सबसे महंगी बोली 1.5 करोड़ की लगी. इसके अलावा भवानी देवी की ऑटोग्राफ वाली फेंस की बोली 1.25 करोड़ रुपए लगी. सुमित अंतिल के जैवलिन के लिए 1.2 करोड़ रुपए की बोली लगी.

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इससे मिला पैसा ‘नमामि गंगे’ योजना में लगाया जाएगा:

इस नीलामी से जितना भी पैसा इकट्ठा हुआ है वह नमामि गंगे योजना के तहत गंगा की सफाई में लगाया जाएगा. पिछले साल भी 2,770 वस्तुओं की नीलामी हुई थी उससे मिली राशि भी नमामि गंगे योजना में दान की गई थी. इस नीलामी में सबसे ज्यादा 140 बोलियां सरदार पटेल की मूर्ति के लिए लगी हैं.

ग़ौरतलब हो कि मोदी सरकार के लिए ‘नमामि गंग़े’ एक महत्वकांक्षी प्रॉजेक्ट है. देश के इतिहास में यह पहली बार है जब गंगा नदी की सफ़ाई के लिए एक अलग से प्रॉजेक्ट चलाया जा रहा हो. इतनी ब ड़ी आबादी वाले देश में गंगा जैसी नदी को साफ़ करना एवं रखना अपने आप में एक चुनौती है. फिर भी गंगा जैसी पूज्यनिय नदी के प्रति इतना प्रयास शायद ही कोई और सरकार करती.

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