ओबीसी प्रमाण पत्र को ख़ारिज करने के निर्णय में अदालत में घिरी केजरीवाल सरकार, दलील सुन जज भी हुए हैरान

ओबीसी(OBC) प्रमाण पत्र को ख़ारिज करने के निर्णय को असंवैधानिक बताने वाली एक अंजली नाम की छात्रा ने याचिका के दस्तावेजों के रखरखाव को लेकर दिल्ली सरकार(Delhi Govt.) की पूरी व्यवस्था की पोल खोल दी है। न्यायमूर्ति प्रतीक जालान(Justice Prateek Jalan) की पीठ ने कहा कि “वर्तमान मामले से पता चला कि दस्तावेजों का रखरखाव कुशल और सुरक्षित रूप में नहीं हो रहा है। पीठ ने कहा कि यह आश्चर्यजनक तथ्य है कि दिल्ली सरकार(Delhi Govt.) ने हलफनामा दाखिल करके कहा है कि संबंधित रिकार्ड कीपर की मौ’त होने के कारण वह दस्तावेज का पता लगाने में असमर्थ है।” पीठ ने कहा कि यह बेहद सराहनीय है। इसे लेकर प्रशासनिक स्तर पर ध्यान देने की आवश्यकता है। इस पर संज्ञान लेते हुए जांच की जानी चाहिए-

दिल्ली सरकार(Delhi Govt.) को लगाई फटकार

संवैधानिक पीठ ने कहा कि दिल्ली सरकार(Delhi Govt.) रिकार्ड का पता लगाने में असमर्थ है। पीठ के द्वारा कहा गया कि सिर्फ एक मामले के कारण अंजली का ओबीसी प्रमाण पत्र निरस्त करने का कोई आधार नहीं है। अधिकारियों ने रिकार्ड इकट्ठा कर कोर्ट में दिखने कि जिम्मेदारी अंजली पर डाल दी। पीठ ने अंजली का प्रमाण पत्र रद करने के एसडीएम(SDM) के आदेश को निरस्त करते हुए दिल्ली सरकार(Delhi Govt.) को मामले में नया कारण बताओ नोटिस जारी कर मामले की सुनवाई करने का आदेश दिया।

क्या था पूरा मामला

यह पूरा मामला गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी(GURU GOBIND SINGH INDRAPRASTHA UNIVERSITY) में एमबीबीएस(MBBS) के एडमिशन से जुड़ा है। दरसअल अंजली, अतुल व तान्या एमबीबीएस की काउंसलिंग में हिस्सा लेती है। अंजली और अतुल का कॉलेज में एडमिशन होने पर तान्या द्वारा अदालत में अर्जी दाखिल करके कहा जाता है कि दोनों का ओबीसी प्रमाण(OBC Certificate) पत्र फ र्जी है।

तभी अतुल दाखिला वापस ले लेता है और अतुल की जगह पर तान्या को एडमिशन मिल जाती है। तान्या को एडमिशन मिलने के बाद अन्य रश्मी नाम की छात्रा याचिका दायर कर यह दावा करती है कि उसकी मेरिट तान्या से अच्छी है।

अंजली का ओबीसी प्रमाण पत्र रद्द

अदालत ने रिकार्ड देखने के बाद तान्या के बजाये रश्मि का दाखिला करने का आदेश दे दिया। अब इसके बाद तान्या व उसके पिता जे.एस. मन ने अंजली को जारी किए गए ओबीसी प्रमाण पत्र के खि लाफ नवंबर 2019 में एसडीएम कार्यालय में शिकायत कर दी। दावा किया कि अंजली दिल्ली की निवासी नहीं है। शिका यत पर कार्र वाई करते हुए जनवरी 2020 में एसडीएम ने अंजली का ओबीसी प्रमाण पत्र रद्द कर दिया और पीठ ने विश्वविद्यालय(Univercity) को यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया।