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Friday, June 21, 2024

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हर चु नौती से निपटने के लिए तैयार भारतीय सेना ने चीन बॉर्डर पर तैनात की बोफोर्स तोपें..

भारत और चीन के बीच लंबे समय से सीमा वि वाद चल रहा है, जो बीते साल 15 जून की रात को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में दोनों देशों के बीच हुई सैन्य झ ड़प के बाद और ज्यादा बढ़ गया। दोनों देशों के बीच कई दौर की कोर कमांडर स्तर की बैठक के बाद भी अभी तक स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाई है। चीन लगातार LAC के करीब अपना जमावड़ा बढ़ाता जा रहा है। भारत ने भी इससे निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नि यंत्रण रेखा (LAC) के पास एक अग्रिम क्षेत्र में बोफोर्स तोपों को तैनात किया है।

बोफोर्स की L-70 तोपें तैनात की गईं :

गो ले बरसाने की अपनी क्षमता को बढ़ाते हुए भारतीय थल सेना ने अरूणाचल प्रदेश में वास्तविक नि यंत्रण रेखा पर ऊंचे पर्वतों पर अच्छी खासी संख्या में उन्नत एल-70 विमान रोधी तोपें तैनात की हैं। वहां सेना की एम-777 होवित्जर और स्वीडिश बोफोर्स तोपें पहले से तैनात हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। सैन्य अधिकारियों ने कहा कि उन्नत एल-70 तोप समूचे एलएसी पर अन्य कई प्रमुख संवे दनशील मोर्चें के अतिरिक्त अरूणाचल प्रदेश में कई प्रमुख स्थानों पर करीब दो-तीन महीने पहले तैनात की गई थी और उनकी तैनाती से सेना के गो ले बरसाने की क्षमता काफ़ी बढ़ी है।

हर मौसम में टार गेट को ख त्म कर सकती है L-70 तोप :

आर्मी एयर डिफेंस की कैप्टन एस अब्बासी ने कहा, ‘‘ये तोपें सभी मानवरहित वायु यान, मानवरहित ल ड़ाकू यान, हम लावर हैलीकॉप्टर और आधुनिक विमान को गिरा सकती हैं। ये तोपें सभी मौसम में काम कर सकती हैं। इनमें दिन-रात काम करने वाले टीवी कैमरे, एक थर्मल इमेजिंग कैमरा और एक लेजर रेंज फाइंडर भी लगे हुए हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘तोप के गो ला दागने की सटीकता बढ़ाने के लिए एक मजल वेलोसिटी रेडार भी लगाया गया है।’’

भारत की तैयारी ‘अत्यंत उच्च स्तर’ की है :

इससे पहले मंगलवार को सेना की पूर्वी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे ने कहा था कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश सेक्टर के सामने अपनी तरफ अंदरूनी इलाकों में तैनाती और सैन्य अभ्यास बढ़ा दिया है तथा भारत ने क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी हर प्रकार की चु नौती से निपटने के लिए इसी के अनुसार योजनाएं तैयार की हैं। कमांडर ने यह भी कहा कि किसी भी आकस्मिक स्थिति का जवाब देने के लिए भारत की तैयारी ‘अत्यंत उच्च स्तर’ की है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास अवसंरचना विकास की कोशिश कर रहे हैं और इससे कई बार मुद्दे उत्पन्न होते हैं।

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LAC के पास गांव बसा रहा चीन :

अधिकारी ने कहा था, ‘क्योंकि एलएसी के पास बुनियादी ढांचा खड़ा हो गया है, इसलिए सीमा पर सैनिकों की संख्या में थोड़ी वृद्धि हुई है।’ उन्होंने कहा था कि चीन का सैन्य अभ्यास उसकी रक्षा इकाइयों के बीच संयुक्त अभ्यास हैं जो एकीकृत दृष्टिकोण से किए जाते हैं और वहां अभ्यासों में वृद्धि हुई है। पूर्वी कमान के कमांडर ने कहा कि सीमा पर चीन की तरफ कुछ क्षेत्रों में नए गांव स्थापित किए गए हैं और भारत ने अपनी अभियानगत रणनीति में इसका संज्ञान लिया है क्योंकि आवासों को सैन्य उद्देश्यों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

विभिन्न संभावित आकस्मिक स्थितियों से निपटने का अभ्यास जारी :

लेफ्टिनेंट जरनल पांडे ने कहा कि नए बुनियादी ढां चों के विकास के बाद से बलों की तैनाती में बढ़ोतरी हुई है। कमांडर ने बताया कि भारत ने कई कदम उठाए हैं और उनमें से सबसे अहम कदम रणनीतिक स्तर से लेकर सामरिक स्तर तक सभी निगरानी संसाधनों के तालमेल के जरिए वास्तविक नि यंत्रण रेखा और अंदरूनी इलाकों के पास निगरानी गति विधियां बढ़ाना है। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास पर्याप्त बल हैं जो हर प्रकार की आ पात स्थिति से निपटने के लिए हर क्षेत्र में उपलब्ध हैं। हम विभिन्न संभावित आकस्मिक स्थितियों से निपटने का अभ्यास कर रहे हैं।’

चीन द्वारा प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर भी बोले लेफ्टिनेंट जनरल पांडे :

चीन और भूटान के बीच दशकों पुराने सीमा वि वाद को सुलझाने के लिए हाल में किए गए समझौते और उससे डोकलाम ट्राई-जंक्शन के आसपास के क्षेत्रों में भारत के रणनीतिक हितों पर संभावित प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर सैन्य कमांडर ने सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन कहा कि सरकार के संबंधित प्राधिकारियों ने इसका संज्ञान लिया है। चीन द्वारा विभिन्न सीमा समझौतों और प्रोटोकॉल का उल्लंघन किए जाने के विषय पर उन्होंने कहा कि इस मामले पर उच्चतम स्तर पर वार्ता चल रही है।

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