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Thursday, June 13, 2024

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लॉकडाउन में पप्पू यादव को यहां वहां करना पड़ गया भारी,पुलिस ने दबोच कर थाने में डाला..

जाप(Jan Adhikar Party) के प्रमुख एवं बिहार के पूर्व सांसद पप्पू यादव(Pappu Yadav) को मंगलवार सुबह पटना(Paatna) में मंदिरी स्थित उनके घर से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पप्पू यादव सुबह के समय पीएमसीएच हस्पताल(PMCH Hospital) के कोविड वार्ड में गए थे। पप्पू यादव की गिरफ्तारी की खबर सुनते ही उनके आवास पर चाहने वालों की भीड़ एकत्रित होने लग गई। पिछले सोमवार को भी पप्पू यादव पीएमसीएच हस्पताल में गए थे। पुलिस के अनुसार उन पर बिना इजाजत के घूमने, सरकारी काम में बाधा डालने और लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है।

ट्वीट कर दी गिरफ्तारी की जानकारी

पप्पू यादव ने अपने ट्विटर हैंडल से अपनी गिरफ्तारी की जानकारी साझा करते हुए लिखते हैं कि –‘‘मुझे गिरफ्तार कर पटना के गांधी मैदान थाने लाया गया है।”

उनके द्वारा इससे पहले एक ट्वीट किया गया था। जिसमे पप्पू यादव सरकार को चेताते नजर आ रहे है। ट्वीट में कहा गया है कि–“ कोरोना काल में जिंदगियां बचाने के लिए अपनी जान हथेली पर रख जूझना अपराध है, तो हां मैं अपराधी हूं। PM साहब, CM साहब, दे दो फांसी, या भेज दो जेल, झुकूंगा नहीं, रुकूंगा नहीं। लोगों को बचाऊंगा। बेईमानों को बेनकाब करता रहूंगा!

एंबुलेंस मामले में पप्पू यादव पर एफआईआर दर्ज

सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी(Rajiv Pratap Rudy) के संसदीय मद से खरीदे गई एंबुलेंस(Ambulance) को छिपा कर रखने के मामले में कटे बवाल के बाद अमनौर थाने(Amnour Police Station) में पप्पू यादव और उनके गार्ड पर एफआईआर(FIR) दर्ज की गयी है। सारण प्रशासन ने पप्पू यादव के खिलाफ मार पीट करने और लॉकडाडन(Lockdown) का उल्लंघन करने के मामले में दो एफआईआर(FIR) दर्ज की है। अमनौर के जयप्रभा सामुदायिक केन्द्र के केयर टेकर और गार्ड ने पप्पू यादव और उनके अंगरक्षक पर मार पीट कर कंधे पर लाठी से वार करने, तोड़फोड़ और हंगामा करने का आरोप लगाया है।

सांसद कोटे से खरीदे गए हैं विवादित एंबुलेंस

पप्पू यादव ने सारण जा कर अमनौर के जयप्रभा सामुदायिक केंद्र पर 30 से अधिक एंबुलेंस रखने का मामला उठाया था। इसके बाद इस मामले ने जोड़ पकड़ लिया। यह एंबुलेंस राजीव प्रताप रूडी(Rajiv Pratap Rudy) के सांसद मद(MP Fund) से खरीदी गई थी। श्री ने बयान जारी कर कहा है कि–“अनधिकृत रूप से पप्पू यादव ने समर्थकों के साथ सामुदायिक केंद्र परिसर में प्रवेश किया। चौकीदार और अन्य कर्मियों से भी भिड़ गये। कोविड के कारण चालकों की कमी से पंचायतों द्वारा एंबुलेंस लौटाए जाने के बाद उसे रखा गया था, जिसकी तस्वीरें खिंचवाने के लिए उन्होंने उसे तहस-नहस किया।”

हालांकि पप्पू यादव अब एंबुलेंस मामले में बेनकाब हो चुके हैं और बार बार अपना बयान बदलते दिख रहे हैं। जिस से यह स्पष्ट होता है की पप्पू यादव कहीं न कही गलती कर अब फंस चुके हैं।

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