Biography of CDS Bipin Rawat: बिपिन रावत का ऐसा रहा नायब सफर…

कुछ समय पहले एक अहम खबर आई है कि सीडीएस बिपिन रावत (CDS Bipin Rawat) का हेलीकॉप्टर (Helicopter) क्रै श हो गया है। बताया जा रहा है कि इस हाद से में सभी लोग इस दुनिया को अलविदा कह गए है। आपको बता दें कि हेलीकॉप्टर में लगभग 14 लोग सवार थे। बिपिन रावत अपनी पत्नी के साथ इस मामले में इस दुनिया को अलविदा कह गए हैं। (Who is Bipin Rawat) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उनके घर पहुंचे और थोड़ी देर रुक कर चले गए। आपको बताते हैं सीडीएस बिपिन रावत के सफर के बारे में।

कौन थे बिपिन रावत

सीडीएस बिपिन रावत (CDS Bipin Rawat) का जन्म 16 मार्च 1958 को देहरादून (Dehradun) में हुआ था। बिपिन रावत की पत्नी का नाम मधुलिका रावत (Madhulika Rawat) है। इनकी दो बेटियां भी है। बिपिन रावत के पिता भी फौज में थे। बिपिन रावत के पिता का नाम एल.एस रावत (L.S Rawat) था। इसलिए बिपिन रावत को लेफ्टिनेंट जनरल एल.एस रावत के नाम से जाना जाता है। बिपिन रावत की शुरुआती पढ़ाई सेंट एडवर्ड स्कूल (St. Adward School) शिमला (Shimla) में हुई थी। इसके बाद उन्होंने इंडियन मिलट्री एकेडमी (Indian Military Academy) में दाखिला लिया। इसके बाद वो देहरादून चले गए। बिपिन रावत का पूरा बचपन फौजियों के बीच गुजरा था।

इंडियन मिलिट्री एकेडमी में उनका परफॉर्मेंस अच्छा रहा था। जिसके लिए बिपिन रावत को पहला सम्मान पत्र मिला था। जो SWORD OF HONOUR से सम्मानित किया गया था। वह आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका चले गए थे। वहां उन्होंने सर्विस स्टाफ कॉलेज से स्थानक किया। साथ में उन्होंने हाई कमांड कोर्स भी किया।

बिपिन रावत ने इंडियन आर्मी में कैसे शुरू किया अपना सफर

सीडीएस बिपिन रावत (CDS Bipin Rawat) अमेरिका में पढ़ाई करने के बाद इंडिया (India) वापस आए। इसके बाद उन्होंने आर्मी (Army) में जाने का मन बनाया है और 16 दिसंबर 1978 को आर्मी का अपना सफर शुरू किया। उन्हें गोरखा 11 राइफल्स की 5वीं बटालियन में शामिल किया गया। यहीं से उनका सैन्य जीवन शुरू हुआ था। इसके बाद बिपिन रावत को सेना के नियमों को सिखने का मौका मिला। साथ ही यह भी समझ में आया की टीम वर्क (Team Work) में कैसे काम करना चाहिए। (How to start Bipin Rawat career in Army)

सीडीएस बिपिन रावत ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि अपनी जिंदगी में उन्होंने गोरखा में रहते हुए जो सिखा वो कहीं और सिखने को नहीं मिला है। यहाँ उन्होंने आर्मी नीतियों को समझाने और नीतियों को बनाने में भी योगदान दिया। गोरखा में रहते हुए उन्होंने आर्मी की अनेक पदों पर काम किया है। जैसे Crops , GOC-C , SOUTHERN  COMMAND, IMA DEHRADUN , MILLTERY OPREATIONS DIRECTORET में LOGISTICS STAFF OFFICER .

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बिपिन रावत का सीडीएस के रूप में क्या था काम

बिपिन रावत (CDS Bipin Rawat) ने थलसेना के 27वें प्रमुख के रूप में काम किया है। आपको बता दें कि अब वे इस पद से रिटायर्ड हो चुके है। रिटायर्ड होने के बाद बिपिन रावत सेना के सबसे बड़े पद को संभाल रहे थे। बिपिन रावत को देश का पहला CDS अधिकारी यानि चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ (Chief Of Defense Staff) बनाया गया है। आज ये जिस पद को संभाल रहे है वो पद अब तक किसी को नहीं मिला।

CDS का काम थलसेना, वायुसेना और नौसेना तीनों के बीच तालमेल बिठाकर रखना है। इनका काम तीनों सेनाओं को निर्देश देने का था। लेकिन इनका काम किसी भी सैन्य एक्टिविटी में दखल देना नहीं था। यह सिर्फ तीनों सेनाओं के बिच तालमेल बैठाने का काम करते थे। सीडीएस (CDS) को रक्षा मंत्री का सलाहकार भी कह सकते है। बिपिन रावत को विशिस्त सेना मैडल, युद्ध सेना मैडल आदि देश की सेवा करते हुए मिले थे।