5 साल बाद बिहार वापस लौटेंगे”सुपरकॉप” IPS शिवदीप,नाम से ही थर-थर काँपते हैं माफिया..!

आपको पता नही आज हम बात कर रहे हैं ऐसे व्यक्ति के बारे में बात करहे हे जो किसी की तारीफ के मोहताज नहीं हे जा रहे हे। उनका नाम नहीं काम काम बोलता है   जिसके नाम से अ पराधियों के पसीने छुटता है। ईमानदार और मेहनती अधिकारियों की वजह से ही अपना देश ब चा हुआ है । नहीं तो अनुचित काम करने वाले लोग अपने देश में को ब र्बाद कर देते। आइये विस्तार से जानते हे इस आईपीएस अफसर के बारे में।

आईपीएस अफसर शिवदीप लांडे क्यों प्रसिद्ध है।

सुपरकॉप (SuperCop)  के नाम से मशहूर (Famous)पटना के आईपीएस अफसर शिवदीप लांडे जिनको देखकर अनुचित काम करने वालों के  पसीने छूट जाते हैं। उन्होंने कई शहरोंअनुचित काम हटा दिए थे । आज वह फिर से अपने राज्य में लौट आए हैं । जिनका नाम और चेहरा लोगों को याद है । आईपीएस शिवदीप लांडे बिहार कैडर के अधिकारी है। और उनका ट्रांसफर पटना से गृह राज्य महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में हो गया था। जंहा पुलिस क्रा इम ब्रांच में डीआईजी के पद पर काम कर रहे थे।

शिवदीप लांडे ने कँहा-कँहा काम किया था।

शिवदीप लांडे पटना में एसपी रहने के अलावा रोहतास और अररिया में पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं। पटना सिटी एसपी रहने के समय सुखदेव पांडे ने ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली सामान बनाने वालों के खि लाफ मुहिम चलायी। जिसने जाली नोट छापने वालों को , नकली दवा बेचने वालों पर का र्यवाही कर कर पूरे पटना शहर में नाम कर दिया। उन्होंने एक बार पीएमसीएच के पास अशोक राजपथ पर स्थित एक कपड़ा शोरूम के मालिक को दुनिया से अलविदा कर दिया था। जिसके कारण वहां के लोगों ने दुकानें बंद कर दी थी लेकिन शिवदीप लांडे ने उसको को पकड़कर पीएमसीएच गेट पर उसकी जमकर धु नाई की उसके बाद सारी दुकान खुली।

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रोहतास में ड्यूटी के दौरान क्या- क्या किया?

रोहतास में ड्यूटी पर कार्यरत होने के दौरान बालू और पत्थर अनुचित काम करने वाले लोगों पर मुहीम चलायी। सरकार के राजस्व का नुकसान होने से बचाया और इतना ही नहीं उन्होंने कई पत्थर मा फियाओं पर क र्यवाही की उन्हें जेल में पहुंचाया और अररिया में पोस्टिंग के दौरान कामों से लोग उनको याद करते हैं। यह आईपीएस अफसर चर्चा में जब आए जब मुंगेर में ट्रेनी आईपीएस होने के दौरान पत्थर वालों ने ह मला कर उन्हें ज ख्मी कर दिया था। मुंबई में क्राइम ब्रांच पद पर काम करते हुए। कई उपलब्धियां प्राप्त किया इसमें उन्होंने नारकोटिक्स विभाग की जिम्मेदारी को संभालते हुए न शे के सौ दागरों को जमकर सबक सिखाया। अब वह 5 साल बाद बिहार वापस लौट रहे हैं। अब देखते हैं कि सरकार उनको क्या जिम्मेदारी सौंपती हैं।