कश्मीर पर बोले बिना पाकिस्तानियों का खाना हजम नहीं होता…..

पाकिस्तानी एक दिन भी कश्मीर (Kashmir) की बात न करे तो, उनका पेट साफ नहीं होता। प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) और उनके मंत्रियों के बाद अब राष्ट्रपति आरिफ अल्वी (PAK President Arif Alvi) ने ‘कश्मीर राग’ अलापा है। उन्होंने कहा कि कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान अपने संवैधानिक रुख से कभी पीछे नहीं होगा और वहां के लोगों का साथ देगा। इसके साथ ही उन्होंने अफगानिस्तान की स्थिति पर बयान देते हुए कहा कि पाकिस्तान अपने पड़ोस के मामलों से पूरी तरह अवगत है।

अफगानिस्तान पर कही ये बात

रक्षा दिवस (Defence Day) के मौके पर राष्ट्रपति आरिफ अल्वी (Arif Alvi) ने देशवासियों के नाम अपने संदेश में कश्मीर (Kashmir) पर कई अहम बातें कही। साथ ही उन्होंने अफगानिस्तान को लेकर भी पाक का रुख व्यक्त किया। अल्वी ने कहा कि हम अपने पड़ोसी मुल्क के परिस्थिति से पूरी तरह अवगत है। उन्होंने आगे कहा कि हम किसी भी परिस्थिति से बाहर आने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हमें फिलहाल किसी की आवश्यकता नहीं है।

पाकिस्तानी रक्षा दिवस

रेडियो पाकिस्तान के अनुसार, रक्षा दिवस की शुरुआत इस्लामाबाद में 31 तो पों की सलामी और प्रांतीय राजधानियों में 21 तो पों की सलामी के साथ हुई। कक्षा में काम करने वाले लोगों को इनाम देने के लिए इस्लामाबाद स्थित नौसेना मुख्यालय में ‘चेंज ऑफ गार्ड’ समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान भी राष्ट्रपति आरिफ अल्वी कश्मीर राग अलाप रहे थे। गौरतलब है कि भारत के साथ 1965 मामले की बरसी पर पाकिस्तान छह सितंबर को रक्षा और श हीद दिवस के रूप में मनाता है।

कश्मीर लिए बिना खुश नहीं होंगे

अल्वी ने कहा कि कश्मीर मामले के समाधान के बिना भारत के साथ दोस्ती संभव नहीं है। नई दिल्ली के साथ कश्मीर सहित सभी मामलों पर बात करने का समय अब आ गया है। इसी से क्षेत्र में स्थिति सही होगा और सभी लोग खुश रहेंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे पर अपने कानूनी रुख से कभी पीछे नहीं होंगे और हम वहां के लोगों का समर्थन करते रहेंगे।

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इमरान भी नहीं रहे पीछे

वहीं, प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी लगे हाथ कश्मीर पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के तहत कश्मीरियों को उनके आत्मनिर्णय का अधिकार देना होगा। आपको  बता दें कि भारत कहता रहा है कि जम्मू-कश्मीर हमेशा देश का अभिन्न अंग था, है और रहेगा। भारत ने पाकिस्तान से यह भी कहा है कि कश्मीर से जुड़ा मुद्दा उसका आंतरिक मामला है और वह अपनी सम स्याओं को खुद समझने में सक्षम है।