कोरोना पर Australian Media की रिपोर्ट पर भड़का भारत, High Comission ने एडिटर को पत्र लिख गिनाएं मोदी सरकार के काम

India slams Australian media for criticising government for coronavirus second wave: भारत में कोरोना के भीषण संक्रमण के ऊपर ऑस्ट्रेलियाई अखबार ‘द ऑस्ट्रलियन’ में छपी एक खबर पर नई दिल्ली ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारत (India) ने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया (Australian Media) से दो टूक शब्दों में कहा है कि उसे तथ्यों को जांच-परखकर खबर बनानी चाहिए। दरअसल अखबार में प्रकाशित खबर को इस तरह से लिखा गया था, जैसे भारत में कोरोना महामारी की दूसरी लहर को मोदी सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया और इस कारण ही भारत में स्तिथि बद से बदतर होती जा रही है। इसके लिए अखबार ने मोदी सरकार पर निशाना साधा था।

Editor Dore को लिखा Letter

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया की इस खबर पर भारतीय उच्चायोग (High Comission) ने कड़ी निदा की है। उच्चायोग ने खबर को पूरी तरह से आधारहीन, दुर्भावनापूर्ण और निंदनीय बताया है। प्रकाशित खबर पर अपना विरोध दर्ज करवाते हुए भारतीय उच्चायुक्त ने अख़बार के प्रमुख संपादक क्रिस्टोफर डोरे (Christopher Dore) को पत्र लिखा। पत्र में कहा गया है कि अखबार ने कोरोना महामारी से लड़ने के लिए भारत सरकार की तरफ से अपनाए गए तरीकों को कमतर आंका। उच्चायोग द्वारा लिखे पत्र में आगे कहा गया है कि भारत सरकार ने कोरोना से निपटने के लिए कई उपाय अपनाए, जिनमें पिछले साल मार्च में लगाए गए लॉकडाउन से लेकर इस साल वैक्सीनेशन अभियान तक शामिल है।

क्या लिखा है Report में?

द ऑस्ट्रलियन’ में सोमवार को एक खबर प्रकाशित हुई है, जिसका शीर्षक है, ‘मोदी ने भारत को लॉकडाउन से बाहर निकालकर सर्वनाश की ओर धकेल दिया।’ इस खबर में भारत में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के पीछे चुनावी रैली और कुंभ मेले को भी जिम्मेदार ठहराया गया है। साथ ही ये भी कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने एक्सपर्ट की सलाह को नजरअंदाज किया, जिसकी वजह से स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।

ऑस्ट्रेलियन मीडिया को मिला करारा जवाब

भारतीय उच्चायोग ने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया को करारा जवाब दिया है। अखबार के संपादक को भेजी चिट्ठी में उच्चायोग ने लिखा है, ‘सरकार द्वारा समय पर लिए गए फैसलों की वजह से सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकीं और इसकी दुनियाभर में तारीफ की गई।’ पत्र में भारत सरकार की वैक्सीन डिप्लोमेसी के बारे में बात करते हुए दावा किया गया है कि इससे दुनियाभर में लाखों लोगों की जानें बचाई जा सकेंगी। भारतीय उच्चायोग ने प्रधानमंत्री मोदी की चुनावी रैलियों और कुंभ मेले को कोरोना के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने की भी निंदा की है।