बिहार में Tejasvi Yadav को CM बनने के लिए मात्र दो विधायकों की जरूरत!अब Nitish Kumar के साथ हो सकता है बड़ा खेल

बिहार की राजनीती में बदलाव कोई नई बात नहीं है. ऐसी बहुत सी घटनाएं सामने आई हैं जहाँ रातों रात सत्ता परिवर्तन हुआ. हाल ही में ऐसा ही कुछ देखने को मिला जब नितीश कुमार(Nitish Kumar) ने NDA का साथ छोड़कर महागठबंधन का दामन थाम लिया. और NDA का साथ छोड़कर नितीश कुमार ने तेजस्वी को सरकार बनाने के लिए नीतीश के समर्थन की जरूरत महागठबंधन का साथ चुन लिया. और बिहार में आ गई महागठबंधन की सरकार. अगर नीतीश तेजस्वी यादव (Tejasvi Yadav) के साथ नहीं आते तो महागठबंधन की सरकार बिहार में कभी नहीं बनती. लेकिन ये पूरा सच नहीं है बल्कि सच तो ये है कि तेजस्वी को नितीश कुमार की नहीं बल्कि उन्हें नितीश के दो विधायकों की जरुरत है जिसके बाद वो अपने दम पर सरकार बना सकते हैं. अगर आप लोगों को अगर ये गणित नहीं समझ आया तो पढ़िए ये पूरी खबर.

तेजस्वी को नितीश के सिर्फ दो विधायकों की जरुरत

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा(HAM) के जीतन राम मांझी(Jitan Ram Manjhi) जो नितीश कुमार के काफी करीबी माने जाते हैं और कई मायनों में उनकी तरह ही हैं. उन्हें भी नितीश की तरह पाला बदलने में कोई दिक्कत नहीं होती. जीतन राम मांझी को जहाँ सम्मान मिलेगा वो उसी पार्टी में शामिल हो जाएंगे. लेकिन देखा जाए तो ये कहना भी अभी सही नहीं होगा कि मांझी नितीश कुमार को छोड़कर तेजस्वी यादव के साथ शामिल ही जाएंगे. लेकिन अगर एक बेहतर मौका मिलेगा तो ये कहना भी मुश्किल नहीं होगा कि वो पाला बदल लेंगे. अब ऐसे में हम आपको बता दें कि अगर तेजस्वी यादव सरकार बनाने चाहेंगे तो उन्हें ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी क्यूंकि यहाँ सारा खेल नियत का है. जिस भी नेता की नियत सत्ता के लालच के लिए बदली वो अपना पाला बदल लेंगे.

सिर्फ दो सीट और तेजस्वी की बनेगी सरकार!

अब आप आपको समझाते है कि बिहार में फिलहाल क्या स्तिथि है. जिससे आप लोगों को ये समझ आ जाएगा कि तेजस्वी के लिए अपनी सरकार बनाना अब ज्यादा मुश्किल नहीं है. हम आपको ये भी बता दें कि ये केवल एक अनुमान है. अगर आप अभी महागठबंधन में नितीश कुमार को हटाके देखें तो अभी कुछ ऐसी स्तिथि है.

आरजेडी (RJD)- 79 विधायक
कांग्रेस(Congress)- 19 विधायक
लेफ्ट पार्टियां(Left Parties)- 16 विधायक
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM)- 4 विधायक
AIMIM- 1 विधायक
निर्दलीय(Independent)- 1 विधायक

इनको अगर जोड़कर देखें तो 79+19+16+4+1+1= 120 विधायक. अगर ऐसे में जीतन राम मांझी, ओवैसी की पार्टी के बचे एक विधायक और एक निर्दलीय विधायक तेजस्वी को अपना समर्थन दे देते हैं तो तेजस्वी को नीतीश की जरूरत केवल 2 सीटों के लिए रह जाती है. ऐसे में वो अगर चाहें तो बिहार में एक नया समीकरण ला सकते हैं.