कुछ महिलाओं ने मिलकर काट दिया पहाड़, प्रधानमंत्री मोदी ने भी की तारीफ…….

आप भारत के रहने वाले हैं और आपने जीतन राम मांझी का नाम न सुना हो ऐसा हो ही नही सकता। जिन्होंने अकेले ही एक बड़े पहाड़ को काट दिया था उनका यह कारनामा देखकर पूरा देश दंग रह गया था कि अकेले इंसान ने कैसे पहाड़ को काट दिया। लेकिन यह सच है।

आज की कहानी पहाड़ और उसे काटने की कहानी है।

मध्यप्रदेश में कुछ महिलाओं ने पानी की किल्लत को खत्म करने के लिए ऐसा ही बीड़ा उठाया। कुछ महिलाओं ने मिलकर लगभग डेढ़ साल में 107 मीटर ऊंचे पहाड़ को काट दिया। आगे हम आपको बताएगे आखिर क्यों कुछ महिलाओं को ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

बबीता राजपूत नाम की इस लड़की ने पहाड़ को काटकर रास्ता बनाने का काम किया है। मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड में स्थित छतरपुर के अगरौठा गांव की रहने वाली बबीता अपने गांव में पानी की समस्या से इतनी परेशान थी कि उन्होंने इसका हल निकालने के लिए 107 मीटर ऊंचे पहाड़ को काटने का प्राण ले लिया और उनकी यह कहानी सुनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके मुरीद हो गए, आइए आपको बताते हैं कि ऐसा कैसे हुआ ?

मसलन बबीता अकेले तो इस पूरे पहाड़ को तो नही काट सकती थी लेकिन उन्होंने इस समस्या को गांव की कुछ महिलाओं को बताया और जागरूक किया और उन्हें समझाया कि जल का महत्व हमारे जीवन मे क्या है।

अगर पानी आएगा तो पूरे गांव की तस्वीर बदल जाएगी।इसके बाद इस काम मे कुछ महिला और परमार्थ समाज सेवी संस्थान से मदद मिली और लगभग 100 महिलाओं ने श्रमदान किया। सभी महिलाओं ने मिलकर डेढ़ साल में 107 मीटर पहाड़ को काट दिखाया।

इसके बाद गांव के तालाब को पहाड़ के उस तरफ मौजूद नहर से जोड़ दिया गया। पहले जो तालाब सूखा रहता था उस तालाब में अब हमेशा पानी रहने लगा। पहले रास्ता न होने की वजह से पहाड़ के रास्ते सारा पानी नहर के रास्ते बह जाता था। तालाब का आकार लगभग 40 एकड़ का जिसका निर्माण 10 साल पहले बुंदेलखंड पैकेज के नाम से करवाया गया था।

गांव के सूखे को बबिता की सूजबूज से निजात मिली और वह गांव के लिए बदलाव की मिसाल बन गयी आज तालाब में पानी बना रहता है। साथ ही गांव के सभी हैंडपंपों में पानी आता है। इसके साथ जमीन के पानी का स्तर बढ़ने से गांव के सूखे पड़े हुए कुओं में भी पानी आ गया हैं। इस मुश्किल काम को कुछ महिलाओं की कड़ी मेहनत ने सफल कर दिखाया इसकी वजह से पूरे गांव को सूखे से निजात मिल चुकी हैं।

बबीता के इस काम की तारीफ़ प्रधानमंत्री मन की बात में भी कर चुके हैं प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में बबीता की जमकर तारीफ की जिससे बबीता के गांव की सभी महिलाएं बहुत प्रसन्न हुई।