Fact Check- गांधीजी की तस्वीर के पास RBI गवर्नर के सिग्नेचर वाले ₹500 के नोट असली या नकली? जानें सच्चाई

8 नवंबर 2016 की रात आठ बजे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी(Narendra Modi) ने राष्ट्र के नाम संबोधन करते हुए देश में चल रहे 500 और 1000 के नोटों को रद्द कर दिया। इसके बाद भारत में नए नोट जारी किए गए। नए नोटों के आने के साथ उस समय नोटों से जुड़ी कई प्रकार की अफ वाहें उड़ी। अब एक बार फिर से सोशल मीडिया पर 500 के नोट को लेकर एक दावा किया जा रहा है। दावे के मुताबिक 500 रुपये का वह नोट नहीं लेना चाहिए जिसमें हरी पट्टी आरबीआई गवर्नर के सिग्नेचर के पास न होकर गांधी जी की तस्वीर के पास होती है।

क्या है दावे की सच्चाई

500 के नोट से जुड़े दावे की खबर जब O News तक पहुँची तो हमारी टीम ने इस दावे की पड़ताल शुरू की। इस दावे की हकीकत तक पहुँचने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करना पड़ा। इस दावे को गूगल पर सर्च करते ही सब दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। गूगल ने जो लिंक सजेस्ट किया, उसमें सबसे ऊपर प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो के फ़ैक्ट चेक यूनिट का ट्वीटर लिंक था। जिसमें ये साफ तौर पर बताया गया था कि ये दावा गलत है।

500 के नोट से जुड़ा दावा पूरी तरह से गलत

केंद्र सरकार ने इस दावे का खं डन किया है और इसे पूरी तरह से गलत बताया है। PIB फैक्ट चेक यूनिट ने अपने ट्विटर पर कहा है कि दोनों ही तरह के नोट मान्य होते हैं, इस तरह का दावा फर्जी है। पीआईबी ने इस ट्वीट में लिखा- ‘दावा: 500 का वह नोट नहीं लेना चाहिए जिसमें हरी पट्टी आरबीआई गवर्नर के सिग्नेचर के पास न होकर गांधीजी की तस्वीर के पास होती है। #PIBFactCheck: यह दावा #फ़र्ज़ी है। @RBI के अनुसार दोनों ही तरह के नोट मान्य होते हैं।’

 

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नोटों को लेकर पहले भी किये गए दावे

नोटों को लेकर इससे पहले भी कई दावे किये जा चुके है। कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि 5, 10 और 100 के पुराने नोट बं द होने वाले है। ये खबर बहुत तेजी से सोशल मीडिया पर शेयर होने लगी थी। उस समय भी PIB ने ट्वीट कर इस दावे को फर्जी बताया था।