अजब गजब: विश्व के सबसे भव्य Hindu Temple वाले इस देश में नहीं है एक भी हिंदू, जानिए वजह…

अगर हिंदू धर्म (Hindu Religion) की बात आती है, तो सबसे पहले भारत की बात होती हैं। भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां सबसे ज्यादा हिंदू धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं। अगर देखा जाए तो नेपाल (Nepal) भी एक हिंदू राष्ट्र है लेकिन नेपाल की जनसंख्या कम है। भारत से कम हिंदू धर्म के लोग नेपाल में रहते हैं फिर भी नेपाल एक हिंदू राष्ट्र है। क्या आपको पता है कि एक देश ऐसा है, जहां एक भी हिंदू धर्म को मानने वाले लोग नहीं रहते लेकिन बावजूद इसके सबसे भव्य हिंदू मंदिर वहां मौ जूद है। आइए आपको पूरी जानकारी विस्तार से बताते हैं।

कंबोडिया के अंकोरवाट में है दुनिया का सबसे भव्य हिंदू मंदिर

यूं तो इस दुनिया में हजारों मंदिर देखने को मिलेंगे। सबसे ज्यादा मंदिर (Temple) आपको भारत (India) में देखने को मिलते हैं। भारत की जनसंख्या के हिसाब से यहां हिंदू धर्म (Hindu Religion) के लोग ज्यादा रहते हैं। तो शायद आपको लग रहा होगा कि भारत में ही दुनिया का सबसे भव्य हिंदू मंदिर होगा। अगर आप ऐसा समझ रहे हैं तो आप को यह जान लेने की जरूरत है कि विश्व का सबसे भव्य हिंदू मंदिर कंबोडिया (world largest Hindu Temple in Cambodia) स्थित है। कंबोडिया में स्थित इस भव्य मंदिर का नाम अंकोरवाट (Angkor Wat) है।

राजा सूर्यवर्मन द्वितीय के शासनकाल में हुआ था मंदिर का निर्माण

आपको बता दें कि कंबोडिया (Cambodia) में स्थित अंकोरवाट मंदिर (Angkor Wat Temple) का निर्माण राजा सूर्यवर्मन द्वितीय के शासनकाल में हुआ था। राजा सूर्यवर्मन द्वितीय का शासन काल बहुत ही अहम माना जाता है। सन 1112 से लेकर 1153 ईस्वी तक इस मंदिर का निर्माण हुआ था। विदेश में बने इस मंदिर के अंदर भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित है। भगवान विष्णु को हिंदू धर्म में बहुत ही श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा जाता है। इसलिए भगवान विष्णु को आराध्य देव भी कहा जाता है।

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भव्य मंदिर होने के बाद भी हिंदू क्यों नहीं जाते इस मंदिर में

आज हम आपको इस मंदिर के बारे में एक ऐसी बात बताने जा रहे हैं। जिसे जानने के बाद आप भी सोच में पड़ जाएंगे। क्या आपने कभी सोचा है कि इतना भव्य मंदिर होने के बाद भी हिंदू लोग इस मंदिर में क्यों नहीं जाते हैं। आपको बताते चलें कि एक समय में वहां पर बहुत हिंदू हुआ करते थे। लोगों का कहना है कि पहले यहां पर सबसे ज्यादा हिंदू धर्म को माना जाता था। लेकिन जैसे जैसे लोग यहां पर बसते गए। वैसे उनके धर्म ब दल गए समय के साथ लोगों ने दूसरे धर्मों को अपना लिया। यही वजह है कि लोग इस मंदिर में अब नहीं जाते हैं।