जानिए क्यों अपना रहे लोग शाकाहारी खाना….

आज के दौर में मां साहारी (Non-vegetarian) होना सही है या सही नहीं है यह किसी को भी नहीं पता है। अब मां साहारी लोगों को लोग पहले की तरह नहीं देखते है क्योंकि पहले लोग मां साहारी लोगों को एक अलग नजर से देखते थे। लेकिन अब ऐसा कुछ नहीं आज के दौर में शाकाहारी (vegetarian)और मां साहारी लोग एक साथ बैठकर खाना खा सकते हैं। आज मां साहारी लोगों को लेकर एक अहम खबर आ रही है जिसमें बताया जा रहा है कि अब मां साहारी लोग अब शाकाहारी की तरफ लौट रहे हैं। आइए विस्तार से बताते है पूरी खबर।

लोग मां स खाना क्यों कम कर रहे है

हाल ही में सर्वेक्षण ( Survey) चल रहे हैं। जिसमें देखा जा रहा है कि मां साहारी लोग अब मां स खाना कम कर रहे हैं और शाकाहारी खाने की तरफ लौट रहे हैं। मां साहारी लोग शाकाहारी लोगों को घास फूस खाने वाला समझते हैं। आज मां स खाने से लोगों में बी मारियां पनप रही हैं। विदेशों में आज भी मां  साहारी लोग अधिक मिलते हैं। मां साहारी खाने से शाकाहारी खाने की ओर लौटने की सबसे बड़ी वजह कोविड भी है।

मां स खाने से ही फैला था कोविड

आप सभी को बता दे की जिस तरह के अभी चीन में जिस तरह के हालात देखे जा रहे थे। जहां सभी लोग कोविड से ग्रसित हो चुके थे जिसके बाद कोविड पूरे विश्व (World) में हो चुका था। है क्योंकि चीन में बिना पका हुआ मां स खाया जा रहा था। जिसकी वजह से लोगों में कई तरह की बी मारी हो जाती हैं। मां स छो ड़ने के पीछे एक बहुत बड़ा कारण यह भी है कि जंगलों में जानवरों (Animals) की कम होते जा है।

जानवरों की हो रही है कमी

जो हम आपको बता रहे हैं। उसे जानकर आपको अच्छा नहीं लगेगा कि जिं दा जानवरों को पकड़कर उन्हें खाया जा रहा है। जब जानवरों को पकाया जाता है। तब उनमें से ऐसी गसें निकलती हैं। जो मानव जाति पर अच्छा अ सर नहीं डालती हैंं। साथ अगर ऐसे ही जानवरों को खाया जाएगा। तो हमारे जंगलों में जानवरों की कमी होती जा रही है। मां स खाने से मनुष्य पर बहुत गहरा अ सर पड़ रहा है।

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नई जनरेशन में आ रही ये सम स्याएं

आज की जनरेशन (Generation) को देखा जाए तो मां स अधिक खाने से उनको हृदय संबंधित दि क्कतें आ रही है। तथा उनके शरीर पर और त्वचा पर दाग और दाने जैसे निकलने लगे हैं। जो आगे चलकर आपके पूरे शरीर को ख राब कर रहे हैं। इसके अलावा उनके बच्चों पर भी बहुत गहरा अ सर पड़ रहा है क्योंकि जानवरों का मां स आसानी से नहीं पचापाते है। जिससे पाचन तंत्र सही नहीं हो पा रहा है। शरीर की पाचन क्रिया अच्छा प्र भाव नहीं है।