बिहार में 2025 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां जोरों पर हैं। चुनावी तैयारियों को लेकर पटना से लेकर दिल्ली तक बैठकों का दौर जारी है। हाल ही में भाजपा मुख्यालय में हुई अहम बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि आगामी विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। चुनाव परिणाम चाहे जो भी हों, सरकार की कमान नीतीश कुमार के हाथों में ही रहेगी।
महाराष्ट्र फॉर्मूला बिहार में लागू नहीं होगा
बैठक में यह भी साफ कर दिया गया कि महाराष्ट्र की तर्ज पर बिहार में सत्ता परिवर्तन का कोई फॉर्मूला लागू नहीं किया जाएगा। यदि विधानसभा चुनाव में भाजपा को जदयू से अधिक सीटें भी मिलती हैं, तब भी मुख्यमंत्री की कुर्सी नीतीश कुमार के पास ही रहेगी।
लोकसभा और विधानसभा के अलग-अलग चुनाव की चर्चा बेअसर
भाजपा नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में एनडीए गठबंधन की एकता को लेकर कोई भ्रम न रहे। ‘फ्रेंडली फाइट’ यानी कुछ सीटों पर अलग-अलग चुनाव लड़ने जैसी अटकलों को भी खारिज कर दिया गया है। भाजपा किसी भी सूरत में यह संदेश नहीं देना चाहती कि बड़ी पार्टी होने के नाते मुख्यमंत्री पद पर उसका दावा मजबूत है।
नीतीश के नेतृत्व में चुनाव लड़ने पर बनी सहमति
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि 2025 चुनाव के लिए नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया जाएगा। साथ ही, यह भी तय हुआ कि एनडीए में सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला 2020 विधानसभा चुनाव के आधार पर ही रहेगा। हालांकि, कुछ सीटों पर मामूली फेरबदल संभव है, लेकिन गठबंधन दलों के बीच संतुलन बनाए रखा जाएगा।
भाजपा कोर कमेटी बैठक में भी बनी सहमति
बिहार चुनाव को लेकर यह रणनीति पिछले साल 22 दिसंबर को फरीदाबाद में हुई भाजपा कोर कमेटी की बैठक में तय की गई थी। उसी बैठक में यह सहमति बनी थी कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे और भाजपा उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि मुख्यमंत्री पद के लिए नीतीश कुमार ही चेहरा होंगे। भाजपा-जदयू गठबंधन में किसी तरह का मतभेद नहीं है। सीट बंटवारे से लेकर चुनावी रणनीति तक सब कुछ पूर्व निर्धारित फॉर्मूला के अनुसार चलेगा।