रायबरेली के दंपत‍ी की नहीं हुई संतान तो घर ले आए ‘चुनमुन’ को, फ‍िर जो हुआ वो फ‍िल्‍मी कहानी जैसा है…

रायबरेली (Raebareli) की रहने वाली साहित्य जगत की सबसे मशहूर महिला सबिस्ता ब्रजेश (Savista brijesh)
का खूब नाम है। वर्ष 1998 में सबिस्ता ब्रजेश की शादी मशहूर वकील बृजेश श्रीवास्तव (Brijesh Srivastava) से हुई थी। शादी के समय उनके ऊपर 13 लाख रुपए का क र्ज था। शादी के कई वर्षों तक साथ रहने के बाद इस जोड़े को संतान की प्राप्ति नहीं हुई थी। संतान की प्राप्ति नहीं होने के कारण इस जोड़े ने कुछ ऐसा किया जिसे लेकर खूब चर्चाएं हुई थी। सिर्फ इतना ही नहीं इस परिवार को लेकर आज भी गांव के लोग चर्चाएं करते हैं। आइए आपको पूरी ख़बर विस्तार से बताते हैं।

चुनमुन नाम के बंदर को मशहूर कवित्री सबिस्ता ब्रजेश ले आई अपने घर

आपको बता दें कि रायबरेली (Raebareli) की रहने वाली मशहूर कवित्री जब खुद को अकेली समझने लगी, तब उन्होंने एक बहुत ही अहम निर्णय लिया। उनके द्वारा निर्णय लेने के बाद कई ऐसे लोग थे। जो चटकारे ले रहे थे। मशहूर कवित्री ने चुनमुन (Chunmun) नाम के एक बंदर को अपने घर लेकर आ गई। घर लाने के बाद उन्होंने इस बंदर को अपने बेटे की तरह पालन पोषण किया। बेटे की तरह पालन पोषण करने के बाद कवित्री चुनमुन से प्यार भी करने लगी। चुनमुन ने भी अपना साथी खोज लिया था।

चुनमुन के घर आते ही सबिस्ता ब्रजेश बनी अमीर

चुनमुन के घर आते ही मशहूर कवित्री सबिस्ता ब्रजेश धीरे-धीरे अमीर (Savista brijesh become reach) होती चली गई। सिर्फ इतना ही नहीं तेराह लाख रुपए का क र्ज भी अब उनके सर से टल गया था। जब चुनमुन इस दुनिया से अलविदा हो गया तो सबिस्ता ब्रजेश ने एक निर्णय लिया। चुनमुन के नाम पर गांव में एक मंदिर का निर्माण हुआ था। घर का नाम भी चुनमुन हाउस रख दिया था। मंदिर बनवाने के साथ ही साथ घर का नाम भी चुनमुन रखने के बाद चुनमुन के बच्चे बहुत खुश हुए थे।

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अब लंपट नाम का बंदर रहता है चुनमुन हाउस में

अब लंपट (Lampat) नाम का बंदर चुनमुन हाउस में रहता है। अभी तक फिल्मों में ही हमने ऐसा देखा था कि कोई व्यक्ति अपने घर किसी बंदर को लाया हो और उसे संतान की तरह प्यार दिया हो। लेकिन यह कहानी उससे अलग है। लंपट नाम का बंदर अब चुनमुन हाउस में बहुत ही ज्यादा खुश रहता है। चुनमुन हाउस में और भी बंदर आते रहते हैं। कुछ लोग तो ऐसे भी हैं, जो चुनमुन की पूजा करने भी आते हैं। क्योंकि चुनमुन बहुत ही ज्यादा चतुर और मस्त बंदर था।