उद्धव सरकार संकट में,सुप्रीम कोर्ट एक्शन में दिया ये आदेश….

Anil Deshmukh Bombay High Court: महाराष्ट्र राज्य में पिछले कुछ समय से सब कुछ तो ठीक नहीं चल रहा है जभी तो आए दिन महाराष्ट्र की ही चर्चा सुर्खियों में रहती है! हाल ही में महाराष्ट्र राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख के ऊपर वसूली का आरोप लगाया गया! वहीं दूसरी ओर सचिन वाजे को लेकर भी महाराष्ट्र सुर्खियों में छाया हुआ है! यही नहीं बल्कि मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिली कार में विस्फोटक सामान के चलते भी महाराष्ट्र सुर्खियों में बना हुआ है!

हालांकि इन सबके बावजूद गृह मंत्री अनिल देशमुख कुछ ज्यादा ही चर्चा में आए हुए हैं और खबर ऐसी आ रही है कि उनकी मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई है! दरअसल बॉम्बे हाई कोर्ट में गृह मंत्री के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं! ऐसे में हाई कोर्ट का कहना है कि परमवीर सिंह के द्वारा लगाए गए सभी आरोप बेहद गंभीर हैं!

वही बता दे कि जयश्री पाटिल की राशि का फल मुंबई हाई कोर्ट का आज फैसला आया है! दरअसल उन्होंने हाईकोर्ट के अंदर यह याचिका दायर की थी जिसके अंदर उन्होंने परमवीर सिंह के अनिल देशमुख पर लगाई गई वसूली के आरोपों को लेकर सीबीआई जांच करने की मांग की थी! इस याचिका के अंदर कहा गया था कि परमवीर सिंह के लेटेस्ट के अनुसार उन तमाम तारीखों पर अनिल देशमुख के बंगले पर उनको मिलने आया था और उनकी पुष्टि करने के लिए उस मांगने की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की थी!

अनिल देशमुख गृह मंत्री हैं तो निष्पक्ष जांच तो बनती है: हाई कोर्ट

हाई कोर्ट का कहना है कि सीबीआई 15 दिनों के अंदर ही अपनी प्राथमिक जांच की रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपी जानी चाहिए! उन्होंने यह भी कहा है कि राज्य के गृहमंत्री पर जो भी आरोप लगाए गए हैं वह बेहद ही ज्यादा गंभीर है! आगे हाई कोर्ट का कहना है कि अनिल देशमुख महाराष्ट्र के गृहमंत्री है और इस वजह से इस मामले की जांच बिल्कुल निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए!

वरिष्ठ वकील घनश्याम ने भी दायर की थी याचिका

वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ वकील घनश्याम उपाध्याय ने भी एक याचिका दायर की थी जिसके अंदर उन्होंने सचिन वाजे, एसीपी संजय पाटिल, डीसीपी राजू भुजबल, परमवीर सिंह और अनिल देशमुख के खिलाफ ऑटोसन के आरोपों के को लेकर सीबीआई/ईडी/एआई की जांच की मांग की थी! साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि इस मामले के अंदर जितने भी लोगों का हाथ है उनकी संपत्ति को भी जब्त किया जाना चाहिए!