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Tuesday, July 23, 2024

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बीमार माँ की सेवा के लिए IAS ने कलेक्टर बनने से किया मना, आखिर सरकार को बदलना पड़ा फैसला…

देश के ज्यादातर युवा यूपीएससी(UPSE) परीक्षा पास कर आईएएस(IAS) बनने का सपना देखते हैं। यूपीएससी(UPSE) जैसी कठिन परीक्षा पास करने के बाद हर युवा का सपना(Dream) होता है कि वह किसी जिले(District) का कलेक्टर(Collectorate) बने। लेकिन ऐसे ही एक मौके को एक आईएएस अधिकारी(IAS Officer) ने ठुकरा दिया है। आपको बता दे कि जबलपुर जिले(Jabalpur District) में युवा आईएएस अधिकारी ने अपनी मां के सेवा के लिए कलेक्टर(Collectorate) का पद ठुकरा(Refuse) दिया है। इस अधिकारी का नाम अनूप कुमार सिंह(Anup Kumar Singh) है।

अनूप कुमार सिंह 2013 बैच(Batch) के आईएएस अधिकारी है। कुछ दिनों पहले ही उन्हें दमोह जिले(Damoh District) का कलेक्टर बनाया गया था। उससे संबंधित एक प्रेस विज्ञप्ति(Press Release) भी मध्यप्रदेश सरकार(Madhay Pradesh) द्वारा जारी कर दी गयी थी। प्रशासन से आदेश भी आ गया था कि वे जॉइन(Join) करे। लेकिन अनूप कुमार सिंह(Anup Kumar Singh) ने यह कहते हुए, कलेक्टर बनने से मना कर दिया कि उनकी मां(Mother) की तबियत ठीक नहीं है। अनूप कुमार सिंह ने प्रशासन को बताया कि वो अभी मां की सेवा करना चाहते हैं। इस वजह से फिलहाल कलेक्टर के पद को स्वीकार नहीं कर सकते।

सरकार को बदलना पड़ा फ़ैसला 

अनूप कुमार सिंह के जबाब देने के बाद सरकार ने आठ मई को इस आदेश को निरस्त कर दिया था। साथ ही अनूप कुमार सिंह की जगह इंदौर नगर निगम(Indore Municipal Corporation) के अपर आयुक्त एस कृष्ण चैतन्य को दमोह का नया कलेक्टर बनाया गया है। अनूप ने जॉइन न करने का कारण बताया कि जबतक उनकी मां ठीक नही हो जाती तबतक पद नही संभाल सकते।

उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं अनूप कुमार सिंह 

उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के कानपुर जिले के रहने वाले अनूप कुमार सिंह, वर्तमान समय मे जबलपुर अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ्य है। इसके पहले वो जबलपुर नगर निगम में बतौर कमिश्नर सेवाएं दे रहे थे। शांत एंव मर्दय स्वभाव के अनूप काम को लेकर हमेशा उत्साह में रहते है। बतौर जबलपुर नगर पालिक निगम में कमिश्नर रहते हुए उन्होंने कई प्रशंसनीय कार्य किए हैं।

बीमार मां की सेवा में लगे हैं अनूप 

मां के प्रति उनकी जो सोच है, उसको लेकर पूरे जबलपुर में उनकी प्रसंशा हो रही है। फ़िलहाल वे अपनी बीमार मां की सेवा करने चाहते हैं। अनूप द्वारा कलेक्टर के पद को न स्वीकारना, मां के प्रति उनके सेवाभाव को दर्शाता। जिस पोस्ट के लिए लोग आईएएस बनते हैं, अपनी मां की ख़ातिर उन्होंने कलेक्टर बनने से मना कर दिया। अनूप जैसे अधिकारियों को दिल से सलाम करने का मन करता है।

जय हिंद, जय भारत।

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